मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जायदा सिद्धगी के जीवन में आया बदलाव
मुरैना -- राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर कारगर प्रयास किये जा रहे है। शासन की विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके फलस्वरूप महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। इन्ही महिलाओं में से एक है तुलसी कालोनी मुरैना निवासी श्रीमती जायदा सिद्धगी।
श्रीमती जायदा सिद्धगी एक वर्ष पूर्व अपनी पुरानी मशीन से फटे-पुराने कपडो की सिलाई करके पूरे माह में बडी मुश्किल से 2000 रूपये खीच-तान के कमा पाती थी। पति ड्रायवर थे तो उन्हे भी 6000 रूपये ही मिलते थे। कुल 8000 रूपये में से 3 हजार मकान किराया शेष 5 हजार रूपये में पूरे घर का खर्चा चलाना टेढी खीर था। मेरी लाचार स्थिति को देखकर मेरे पडोस में संचालित श्रीकृष्णा स्व सहायता समूह ने मुझे सदस्य बना लिया।सदस्य बनते ही मुझे सिलाई कढ़ाई के काम के लिए मुख्य मंत्री स्वराजेगार योजना से एक लाख रूपये का ऋण स्वीकृत करा दिया।
श्रीमती जायदा सिद्धगी ने बताया कि 1 लाख का लोन ऑरियन्टल बैंक मुरैना से मुझे फरवरी माह में 2 किस्तों में प्रदान किया गया जिसमें 20 प्रतिशत का अनुदान भी मिला। श्रीमती जायदा सिद्धगी ने बताया कि लोन की राशि मिलने से मेने मुस्कान बुटी सिलाई सेंटर खोलकर सिलाई मशीने रखी है जिससे मुझे प्रतिमाह 10 से 12 हजार रूपये की अर्जित होने लगी। जिसमें से में समय पर 2 हजार रूपये की किस्त जमा कर देती हूं शेष राशि से मकान किराया सहित अपने परिवार के खर्चे में पति के साथ सहयोगी बन गई हूं। मेरे 4 लडके 1 लडकी है। मेरे पांचो बच्चे दो वर्ष पूर्व हिन्दी मीडियम में पढाई करते थे किन्तु अब आय का स्त्रोत अच्छा होने से मेने अपने बच्चों का इग्लिश मीडियम में इस वर्ष से प्रवेश करा दिया है। इसके साथ ही आसपास की लडकियों को में सिलाई का प्रशिक्षण नि:शुल्क दे रही हूं जिससे वे भी आगे आत्मनिर्भर बन सके।
श्रीमती जायदा सिद्धगी एक वर्ष पूर्व अपनी पुरानी मशीन से फटे-पुराने कपडो की सिलाई करके पूरे माह में बडी मुश्किल से 2000 रूपये खीच-तान के कमा पाती थी। पति ड्रायवर थे तो उन्हे भी 6000 रूपये ही मिलते थे। कुल 8000 रूपये में से 3 हजार मकान किराया शेष 5 हजार रूपये में पूरे घर का खर्चा चलाना टेढी खीर था। मेरी लाचार स्थिति को देखकर मेरे पडोस में संचालित श्रीकृष्णा स्व सहायता समूह ने मुझे सदस्य बना लिया।सदस्य बनते ही मुझे सिलाई कढ़ाई के काम के लिए मुख्य मंत्री स्वराजेगार योजना से एक लाख रूपये का ऋण स्वीकृत करा दिया।
श्रीमती जायदा सिद्धगी ने बताया कि 1 लाख का लोन ऑरियन्टल बैंक मुरैना से मुझे फरवरी माह में 2 किस्तों में प्रदान किया गया जिसमें 20 प्रतिशत का अनुदान भी मिला। श्रीमती जायदा सिद्धगी ने बताया कि लोन की राशि मिलने से मेने मुस्कान बुटी सिलाई सेंटर खोलकर सिलाई मशीने रखी है जिससे मुझे प्रतिमाह 10 से 12 हजार रूपये की अर्जित होने लगी। जिसमें से में समय पर 2 हजार रूपये की किस्त जमा कर देती हूं शेष राशि से मकान किराया सहित अपने परिवार के खर्चे में पति के साथ सहयोगी बन गई हूं। मेरे 4 लडके 1 लडकी है। मेरे पांचो बच्चे दो वर्ष पूर्व हिन्दी मीडियम में पढाई करते थे किन्तु अब आय का स्त्रोत अच्छा होने से मेने अपने बच्चों का इग्लिश मीडियम में इस वर्ष से प्रवेश करा दिया है। इसके साथ ही आसपास की लडकियों को में सिलाई का प्रशिक्षण नि:शुल्क दे रही हूं जिससे वे भी आगे आत्मनिर्भर बन सके।
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