गांव के 30 से अधिक परिवारों को पानी पिला रहीं हैं पुनियाबाई
टीकमगढ़ -- जिले के अनंतपुरा गांव में पुनियाबाई व उनके नाती शैलेंद्र कड़ा निजी बोर से लोगों को पानी पिलाकर इस भीषण गर्मी में परोपकार की मिसाल कायम कर करे हैं।
टीकमगढ़ जनपद क्षेत्र के कई गांव इन दिनों सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में शहर से 2 किमी दूर अनंतपुरा गांव के पुनियाबाई एवं उनके नाती शैलेंद्र कड़ा अपने निजी बोर से 30 परिवारों और आसपास के मवेशियों को पीने के पानी का प्रबंध कर रहे हैं। इस संबंध में गांव के शिवचरण चौरसिया ने बताया कि पुनियाबाई तथा उनके नाती शैलेंद्र कड़ा हमेशा गांव के लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। ऐसे में जब गांव के अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं वह अपने निजी बोर से लोगों को पानी भरवा रहे हैं। इसी प्रकार गांव के हरचरण एवं बृजेंद्र चौरसिया ने बताया कि अनंतपुरा स्थित कृषि फार्म के आसपास लगभग 30 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जिनके पास पानी का कुछ भी साधन नहीं है और उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। भीषण गर्मी के चलते कुआ और तालाब भी सूख चुके हैं। गांव में मवेशियों के प्यासे मरने के दिन आ गए थे। ऐसे में पुनियाबाई तथा उनके नाती शैलेन्द्र कड़ा लोगों को अपने निजी बोर से अपने खर्चे पर पानी दे रहे हैं।
टीकमगढ़ जनपद क्षेत्र के कई गांव इन दिनों सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में शहर से 2 किमी दूर अनंतपुरा गांव के पुनियाबाई एवं उनके नाती शैलेंद्र कड़ा अपने निजी बोर से 30 परिवारों और आसपास के मवेशियों को पीने के पानी का प्रबंध कर रहे हैं। इस संबंध में गांव के शिवचरण चौरसिया ने बताया कि पुनियाबाई तथा उनके नाती शैलेंद्र कड़ा हमेशा गांव के लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। ऐसे में जब गांव के अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं वह अपने निजी बोर से लोगों को पानी भरवा रहे हैं। इसी प्रकार गांव के हरचरण एवं बृजेंद्र चौरसिया ने बताया कि अनंतपुरा स्थित कृषि फार्म के आसपास लगभग 30 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जिनके पास पानी का कुछ भी साधन नहीं है और उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। भीषण गर्मी के चलते कुआ और तालाब भी सूख चुके हैं। गांव में मवेशियों के प्यासे मरने के दिन आ गए थे। ऐसे में पुनियाबाई तथा उनके नाती शैलेन्द्र कड़ा लोगों को अपने निजी बोर से अपने खर्चे पर पानी दे रहे हैं।
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