चाईल्ड लाईन के कार्यकर्ताओं ने मिलाया बिछड़े हुए बालक को उसके पालक से

  बड़वानी -- चाईल्ड लाईन के कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनत कर एक बिछड़े हुए बालक को उसके पालकों से पुनः मिलवाने में सफलता प्राप्त की है। चाईल्ड लाईन के पदाधिकारियों ने इसके लिए राजस्थान के भीलवाड़ा में संचालित चाईल्ड लाइन के पदाधिकारियों की भी मदद ली थी। 
   चाईल्ड लाईन बड़वानी के पदाधिकारियों को 29 अप्रैल को पुलिस के माध्यम से एक नाबालिग बालक लोकेश की जानकारी प्राप्त हुई थी। पुलिस को यह बालक बस स्टेण्ड बड़वानी पर इधर-उधर घूमता हुआ मिला था। 
   लोकेश से पूछताछ में चाइल्ड लाईन के पदाधिकारियों को ज्ञात हुआ कि वह राजस्थान के भीलवाड़ा का रहने वाला है। किन्तु अपने घर का पता नही जानता है। इस पर चाईल्ड लाईन बड़वानी के पदाधिकारियों ने भीलवाड़ा के चाईल्ड लाईन की मदद से स्थानीय पेपरों में बालक के मिलने व उसकी फोटो प्रकाशित करवाने की व्यवस्था करवाई। पेपरों में प्रकाशित खबर के आधार पर भीलवाड़ा के रहवासी श्री बालू ने बालक को अपना पुत्र होने की जानकारी दी व बड़वानी पहुंचकर चाईल्ड लाईन के पदाधिकारियों से सम्पर्क किया। 
   तत्पश्चात् चाईल्ड लाईन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में बाल कल्याण समिति के संरक्षण में रह रहे बालक लोकेश को दावा कर रहे व्यक्ति से मिलवाया गया। जहां पर बालक ने अपने पिता को पहचानकर उनका पुत्र होने की सहमति दी। वही पिता ने भी अपने पुत्र से संबंधित दस्तावेज समिति के पदाधिकारियों को दिखाये। संतुष्टि के पश्चात् समिति के पदाधिकारियों ने पिता को पुत्र की सुपुर्दगी दी। इस प्रकार परिवार से बिछड़ा हुआ बालक सकुशल पुनः अपने परिवार से मिल सका। 
    इस कार्य में बाल कल्याण समिति की श्रीमती स्मिता अत्रे, सुश्री जया शर्मा, श्री रूपेश पुरोहित, श्रीमती उज्जवला होलकर, चाईल्ड लाईन के श्री दीपक, धर्मेन्द्र, राम का सराहनीय योगदान रहा।

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