पक्के घर में रहने का दस्सू का सपना हुआ साकार
उमरिया -- झोपड़ पट्टी, घास फूंस एवं खपरैल घर मे वंशानुगत रहने वाले उमरिया जिले के करकेली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कोयलारी-57 के दस्सू बैगा आज प्रधानमंत्री आवास के तहत निर्मित पक्का मकान में रहकर सुकून भरी जिंदगी जी रहा है। वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास के तहत 1.50 लाख रूपये पक्के मकान के लिए स्वीकृत हुआ था जिसमें 3 किस्त में राशि प्राप्त हुई और मकान पूर्ण कर परिवार के साथ दस्सू बैगा रहने लगा। पूरा परिवार योजना का लाभ पाने से बहुत खुश है। जीवन की सारी खुशियां समेटे हुए दस्सू बैगा दिहाडी मजदूरी से बच्चों का भरण पोषण कर रहा है, वहीं बेटा बेटियो को पढाने की ललक अभी भी उसके जेहान में हैं। अगला लक्ष्य सिर्फ उनको पढ़ा लिखाकर उनके उज्जवल भविष्य की तलाश में जुटा है।
दस्सू बैगा ने बताया कि कई पुस्ते झोपड़ी, घासफूस एवं खपरैल के घर में रहते हुए जीवन गुजारा है। उसी परंपरा के अनुरूप मैं भी परिवार के साथ रह रहा था। उसी दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने ग्राम सभा में इस बात का ऐलाान किया कि दस्सू तुम्हें पक्का मकान स्वीकृत हो गया है। खुशी का ठिकाना नही रहा और न ही विश्वास हो रहा था कि हम जैसे गरीबों के लिए भी क्या पक्का मिल सकता है, लेकिन जैसे ही पहली किस्त खाते में आने की सूचना मिली तो विश्वास कायम हुआ। मकान में स्वयं भी काम कर पूरा कराया। इसी तरह शौच के लिए बाहर जाने की सदियो की परंपरा से भी पक्का शौचालय बनने से निजात मिल गई है।
दस्सू बैगा ने कहा कि पक्के मकान में रहने का सपना भी नही देखा था लेकिन मध्यप्रदेश एवं केंद्र सरकार की योजना ने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर सपने को साकार रूप में पर्णित कर दिखाया है, जिसके लिए हम एवं मेरा परिवार जीवन भर आभारी रहेगा।
दस्सू बैगा ने बताया कि कई पुस्ते झोपड़ी, घासफूस एवं खपरैल के घर में रहते हुए जीवन गुजारा है। उसी परंपरा के अनुरूप मैं भी परिवार के साथ रह रहा था। उसी दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने ग्राम सभा में इस बात का ऐलाान किया कि दस्सू तुम्हें पक्का मकान स्वीकृत हो गया है। खुशी का ठिकाना नही रहा और न ही विश्वास हो रहा था कि हम जैसे गरीबों के लिए भी क्या पक्का मिल सकता है, लेकिन जैसे ही पहली किस्त खाते में आने की सूचना मिली तो विश्वास कायम हुआ। मकान में स्वयं भी काम कर पूरा कराया। इसी तरह शौच के लिए बाहर जाने की सदियो की परंपरा से भी पक्का शौचालय बनने से निजात मिल गई है।
दस्सू बैगा ने कहा कि पक्के मकान में रहने का सपना भी नही देखा था लेकिन मध्यप्रदेश एवं केंद्र सरकार की योजना ने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर सपने को साकार रूप में पर्णित कर दिखाया है, जिसके लिए हम एवं मेरा परिवार जीवन भर आभारी रहेगा।
कोई टिप्पणी नहीं