सतना के गुलाब की महक दिल्ली के फूल बाजार तक - हर रोज फूलो से दस हजार रूपये की आमदनी
सतना -- राज्य शासन की पाली हाउस योजना के तहत गैर परम्परागत कृषि को प्रोत्साहन दिये जाने का दूरगामी मकसद आहिस्ता-आहिस्ता फलीभूत हो रहा है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में इसकी शुरूआत सतना के एक प्रगतिशील काष्तकार निखिल खण्डेलवाल ने की है। निखिल खण्डेलवार सतना पन्ना रोड पर स्थित सितपुरा के समीप महज 4 हजार वर्गमीटर भूमि मे गुलाब की खेती करना एक साल पहले करना शुरू किया था। पिछले लगभग 5 माह से उनके गुलाब इतने फूल दे रहे है कि उनकी महक से देश की राजधानी दिल्ली के फूल बाजार भी गुलजार हो रहे है।
श्री खण्डेलवाल को उद्यानिकी विभाग की पाली हाउस योजना के तहत 50 लाख रूपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। जिसमे उन्हे 16 लाख 85 हजार रूपये शासन द्वारा अनुदान प्रदाय किया गया तथा शेष राशि का बंदोबस्त उन्होने अपने बैंक से लोन लेकर किया है। निखिल खण्डेलवाल के 4 हजार वर्गमीटर के पाली हाउस मे गुलाब के एक लाख पौधे लगाये गये थे। वह दिल्ली आनंद बिहार ट्रेन से लगभग 20 हजार नग गुलाब के फूल हर रोज यहां से कार्टून मे सुरक्षित तरीके से पैक करवाकर भेजते है। जिससे उन्हे 5 रूपये प्रति फूल के हिसाब से हर रोज 10 हजार रूपये की कमाई हो रही है।
युवा उद्यमी निखिल खण्डेलवाल ने पी.जी. और मैनेजमेन्ट की पढाई करने के बाद अपने रोजगार के साथ ही अन्य लोगो को स्वावलम्बन की राह दिखाने की चाहत मे पाली हाउस योजना से गुलाबो की खेती शुरू की। उनका कहना है कि इसमे हमे उम्मीद से कहीं ज्यादा लाभ भी हो रहा है। अन्य युवा बेरोजगार भी इस पाली हाउस स्कीम का लाभ उठाकर युवा उद्यमी बन सकते है।
श्री खण्डेलवाल को उद्यानिकी विभाग की पाली हाउस योजना के तहत 50 लाख रूपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। जिसमे उन्हे 16 लाख 85 हजार रूपये शासन द्वारा अनुदान प्रदाय किया गया तथा शेष राशि का बंदोबस्त उन्होने अपने बैंक से लोन लेकर किया है। निखिल खण्डेलवाल के 4 हजार वर्गमीटर के पाली हाउस मे गुलाब के एक लाख पौधे लगाये गये थे। वह दिल्ली आनंद बिहार ट्रेन से लगभग 20 हजार नग गुलाब के फूल हर रोज यहां से कार्टून मे सुरक्षित तरीके से पैक करवाकर भेजते है। जिससे उन्हे 5 रूपये प्रति फूल के हिसाब से हर रोज 10 हजार रूपये की कमाई हो रही है।
युवा उद्यमी निखिल खण्डेलवाल ने पी.जी. और मैनेजमेन्ट की पढाई करने के बाद अपने रोजगार के साथ ही अन्य लोगो को स्वावलम्बन की राह दिखाने की चाहत मे पाली हाउस योजना से गुलाबो की खेती शुरू की। उनका कहना है कि इसमे हमे उम्मीद से कहीं ज्यादा लाभ भी हो रहा है। अन्य युवा बेरोजगार भी इस पाली हाउस स्कीम का लाभ उठाकर युवा उद्यमी बन सकते है।
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