मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से जैद के जीवन में आया रस - सफलता की कहानी (कहानी सच्ची है)
जन्म से मूकबधिर जैद अब बोलने सुनने लगा
देवास | प्रदेश में आमजन को स्वास्थ्य सेवा बेहतर मिले इसके लिए सरकार द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। जन्म से मूकबधिर बच्चों के नि:शुल्क इलाज हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना से मूकबधिर बच्चों में शासकीय खर्चे से ऑपरेशन कर कोकलियर इम्पलांट किया जाता है, जिससे बच्चे बोलने एवं सुनने लगते हैं। इसी योजना का लाभ उठाकर शहर के सईद खां और परवीन बी का 05 वर्षीय पुत्र जैद खां अब बोलने व सुनने लगा है। शासन की इस महत्ती योजना से जैद के नीरस जीवन में रस घुल गया है, अब वह सभी को सुन सकता है तथा अपनी बात सभी को कह पा रहा है। जैद के मुख से शब्दों को सुनकर उसके माता-पिता बहुत हर्षित है। बच्चे को बोलता सुनता देखकर उनकी खुशियां समा नहीं रही है।
बालक जैद के माता-पिता ने बताया कि उनके घर में जब जैद का जन्म हुआ तो पूरे परिवार में खुशियां और हर्ष छा गया। लेकिन धीरे-धीरे जब जैद बड़ा होने लगा तो उन्हें पता चला कि जैद न सुन पाता है और न ही बोल पाता है। उन्होंने बताया कि परिवार को जब इस बात का अहसास हुआ कि जैद सुन और बोल नहीं पाता तो पूरे परिवार में मायूसी छा गई। पेशे से मजदूर होने के कारण बच्चे का महंगे अस्पताल में उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। इसी बीच आर.बी.एस.के. चिकित्सकों (दल) ने उनके क्षेत्र का भ्रमण किया तो भ्रमण दल ने देखा कि सईद खां और परवीन बी का पांच वर्षीय पुत्र जैद न तो सुन पाता है और ना ही बोल पाता है। चिकित्सकों ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनको समझाया कि बालक का इलाज होना संभव है और इलाज के बाद वह सुन व बोल सकेगा। दल ने जब सईद खां और परवीन बी को बताया कि मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से बालक का इलाज नि:शुल्क होगा।
आर.बी.एस.के दल ने मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना की पूरी जानकारी परीजनों को दी। साथ ही उन्हें इससे पूर्व में लाभांवित बच्चों के बारे में भी बताया जो कि जन्मजात गूंगे बहरे थे। लेकिन मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत शासन द्वारा उपचार कराने से वे बच्चे अब सुनने बोलने लग गए हैं। इससे बाद परिजनों में आशा की किरण जागी और उन्हें लगा कि उनका बच्चा इलाज के बाद सुन व बोल सकेगा, तब जैद के माता-पिता खुशी-खुशी इलाज के लिए राजी हो गए।
अरविंदो मेडिकल कॉलेज में हुआ उपचार आर.बी.एस.के समन्वयक ज्योति अहीरे ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके सरल को बच्चे की पूरी जानकारी दी। सीएमएचओ डॉ. एसके सरल से चर्चा कर उनके मार्गदर्शन में बच्चे को श्री अरबिंदो मेडिकल कॉलेज इन्दौर में जॉच हेतु भेजा गया। वहॉ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जैद का कोकलियर इम्पलांट कराया गया। जिसमें शासन द्वारा 6 लाख 50 हजार रूपये मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना अंतर्गत व्यय किये गये। अब जैद सुनने व बोलने लगा है। बच्चे के बोलने व सुनने से सईद के परिवार में खुशियां आ गई। वे इस योजना का लाभ पाकर बहुत हर्षित हैं।
मुख्यमंत्री के दो रहे हैं दुआएं सईद खां और परवीन ने बताया कि उन्हें प्रदेश के म.प्र. शासन की बाल श्रवण योजना अंतर्गत हो पाया है। जैद जन्मजात गूंगा व बहरा था, जो अब बोलने व सुनने लगा हैं। इससे इनके माता-पिता व परिजन तथा मोहल्ले में खुशहाली छा गई है। यह योजना उनके परिवार में खुशियां लाई है। इस योजना का लाभ मिलने के बाद परिजन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को हृदय से दुआ दे रहे हैं और कह रहे हैं कि जुग-जुग जिए शिवराजसिंह चौहान।
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