नवोदय के पैटर्न पर नया एकलव्य भवन
खरगोन -- जिलें की छात्र प्रतिभा के लिए एक और उत्कृष्ट भवन शीघ्र ही बन कर तैयार होने को है। शासन द्वारा यह प्रयास हो रहे है कि इसी शैक्षणिक सत्र 2018-19 में प्रारंभ कर दिया जाए। इसके लिए जनजातीय कार्य विभाग राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य ने प्रदेश के संभागीय अधिकारियों की 2 मई को भोपाल में आयोजित बैठक में निर्माण कार्य पुरे करने के निर्देश दिए है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कुशवाह ने बताया कि खरगोन के मेनगांव में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर शिक्षा प्रदान करने के लिए 20 एकड़ में एकलव्य आवासीय विद्यालय परिसर का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरणों में है। 28 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे। इस परिसर में 210-210 छात्र-छात्राओं को सीबीएससी पैटर्न की शिक्षा प्रदान की जाएगी।
ट्रैक के अलावा अन्य सुविधाएं भी होंगी बेहतर
मेनगांव में बन रहे आवासीय परिसर में प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाएं उन्नत स्तर की होगी। यहां रनिंग ट्रेक के अलावा एकलव्य आवासीय परिसर में एलईडी टीवी और वॉटर प्यूरीफायर के अलावा शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समय-समय पर प्रेरणादायी महापुरूषों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। भोपाल में आयोजित बैठक में राज्यमंत्री श्री आर्य ने आवासीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य के लिए अतिथि शिक्षकों का मानदेय 220 रूपए से बढ़ाकर 300 रूपए प्रति कालखंड करने के लिए कहा।
फिलहाल उत्कृष्ट विद्यालय में संचालित हो रहा है एकलव्य परिसर
एकलव्य आवासीय विद्यालय बनने से पूर्व छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए परिसर का संचालन स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय के पीछे पुराने भवन में 2016-17 से संचालित हो रहा है। वर्तमान सत्र में यहां 90-90 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही है। यहां प्रवेश के लिए 2 व 3 अप्रैल को जिले के केंद्रों पर ऑनलाईन परीक्षा आयोजित की गई थी। मप्र ट्रायबल वेलफेयर रेसिडेंशियल एंड आश्रम एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस सोसायटी के संचालक मंडल की 31वीं बैठक में राज्यमंत्री श्री आर्य ने खरगोन के अलावा 6 अन्य परिसरों का निर्माण कार्य 7 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विशिष्ठ संस्थाओं में नए बॉयलॉज एवं निर्देश होंगे शामिल
राज्यमंत्री श्री आर्य ने एकलव्य विद्यालयों के अलावा विशिष्ठ संस्थाओं जैसेः- कन्या शिक्षा परिसर, आदर्श आवासीय विद्यालय, जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय, संभाग स्तरीय आवासीय गुरूकुलम् विद्यालय तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के एकलव्य विद्यालय को शामिल करने और नए बॉयलॉज एवं नियम निर्देशों के लिए संचालक मंडल में 2-2 अशासकीय सदस्यों को भी शामिल करने को कहा। जहां राज्य और जिला स्तर पर बनाए जा रहे संचालक मंडल में 1 पुरूष और 1 महिला शिक्षाविद् को शामिल करने के निर्देश दिए।
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