इन्दौर संभाग में पहली बार हो रही है, अंजीर की खेती

 धार -- 
     धार जिले के विकासखण्ड धरमपुरी के ग्राम गुजरी के कृषक श्री अभिषेक गर्ग ने अंजीर फल की खेती कर नई शुरूआत की गई है। श्री गर्ग ने बताया कि अंजीर की खेती को लेकर कृषि वैज्ञानिक डा. एस. नाडकर्णी ने सलाह दी थी। शुरूआत में तो मैं भी थोड़ा सा हिचकाया, लेकिन बाद में मैने अंजीर की खेती करने के लिए नया कदम उठाया। अभिषेक गर्ग अक्टूबर 2016 में पुणे से अंजीर के पौधे लाए और अपने गुजरी स्थिति 5 बीघा खेत पर पौधों को रोपा। उन्होने बताया कि पौधे की देख-रेख भी अलग तरह से करना होती है। इसलिए डेढ़ साल से अभिषेक उस पर दिन-रात मेहनत करता रहा है।
मिली कुछ नया करने की प्रेरणा
    कृषक श्री अभिषेक गर्ग ने कहा कि इस तरह की खेती से मुझे आगे और कुछ नया करने की प्रेरणा मिली है। अभिषेक गर्ग ने इस काम में पूर्ण रूप से जैविक पद्धति से ही पौधों की देखभाल की है। आमतौर पर यह फल जनवरी माह में लगता है, लेकिन इस बार सीजन कुछ लेट शुरू हुआ है। श्री गर्ग ने अपने 5 बीघा के खेत में 550 अंजीर के पौधों को लगाकर इसकी शुरूआत इन्दौर संभाग में पहली बार गुजरी से की गई है। उनके द्वारा अंजीर के साथ-साथ नींबू और तरबुज, खरबुजे की भी उक्त खेत में पैदावार ले कर लाभ कमाया है। इससे अंजीर को किसी भी तरह का कोई नुकसान भी नही हुआ है। बताया कि अंजीर की मण्डी इन्दौर और दिल्ली में अच्छी है, जहॉं 100 रूपये से 150 रूपये प्रतिकिलों यह फल बिक रहा है।
25 साल तक देंगे फल
    श्री अभिषेक गर्ग कहते है कि उनके द्वारा पूणे से 150 रूपये प्रति पौधे की दर से कुल 550 पौधे लाए और अपने 5 बीघा खेत में रोपे गए। इसमें 3 लाख 75 हजार रूपये का खर्च आया है। अब यह पौधा 25 साल तक फल देगा। इस दौरान लाखों रूपये का मुनाफा होगा। उन्होने बताया कि अंजीर का नाम लेते ही हमें ड्रायफु्रट के तौर पर इसकी याद आती है, लेकिन फिलहाल यह फल सेंवफल की तरह खाया जा सकता है। श्री गर्ग कहते है कि इस तरह की खेती से मुझे आगामी दिनों में और भी नवाचार करने की प्रेरणा मिली है।
    विदित है कि अब तक किसी ने भी अंजीर की खेती करने की कल्पना भी नही की गई थ। ग्राम गुजरी में श्री अभिषेक गर्ग द्वारा करीब 5 बीघा में इसकी खेती की शुरूआत की और आज नतीजा यह है कि अंजीर के फल इन्दौर व दिल्ली की मण्डी में बेच रहा है। इसके लिए उन्हें इस पूरे प्रयास में डेढ़ वर्ष का समय लगा है, जिसका नतीजा यह रहा है कि आज अंजीर 150 रूपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
     ‘‘इस तरह से खेती को बनाया, फायदे का सौंदा’’

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