झिरन्या के फलियों तक पहुंचेगी स्कूल बसें

खरगोन -- मप्र शासन ने तय किया है कि जिले के पिछडे़ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल दूर होने के कारण पढ़ाई नहीं छोड़नी पड़ेगी। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन द्वारा परिवहन व्यवस्था कर स्कूल आने-जाने की सुविधा दी जाएगी। जिले के झिरन्या जनपद के फलियों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल तक लाने के लिए प्रायवेट स्कुल की तरह ही उनके घर तक स्कूल बस आएगी और समय पर घर भी पहुंचाएगी। शासन ने ऐसी व्यवस्था इसलिए की है क्योंकि यह जनपद दुर्गम और दुरस्थ पहाड़ियों वाला है। साथ ही यह पुरा इलाका जनजातीय हैं यहां के लोग फलियाओं में निवास करते है। यहां हर गांव में एक घर से दूसरे घर की दुरी सामान्य रूप से 5 से 10 किमी तक होती है और वहीं स्कूल की दूरी 30-40 किमी पर स्थित है। परिवहन की यह व्यवस्था कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2018-19 से प्रारंभ हो जाएगी।
परिवहन की क्यों हुई आवश्यकता
   शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों का आंकलन किया जाता रहा है। आंकलन में सामने आया कि जनपद में कक्षा 8वीं तक की कक्षाएं गांववार होने से 8वीं तक तो स्कूल आते है, लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई करने वाले बच्चों का बहुत कम प्रतिशत रहा है। इसका एक कारण स्कूल दूर होना और क्षेत्र दुर्गम पहाड़ियों व दूर-दूर फालियाओं में निवास करना भी है। शासन द्वारा पॉयलेट प्रोजेक्ट के आधार पर झिरन्या विकासखंड को चुना गया, जहां विद्यार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था कर स्कूल लाने और ले जाने तक का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त श्री नीरज दुबे ने 7 अप्रैल को पत्र लिखा। इस पत्र में कक्षा 8वीं व 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देने का भी जिक्र किया गया है। इसके लिए हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी करने के निर्देश दिए गए।
ऐसा है परिवहन व्यवस्था वाला क्षेत्र
   जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी की दूरी पर झिरन्या जनपद मुख्यालय स्थित है। इसकी आबादी मात्र 7416 है। जनपद की कुल जनसंख्या 2 लाख 20 हजार है। जनपद में कुल 129 गांव और 76 पंचायतें है। झिरन्या जनपद में 9 हाईस्कूल और 6 हायर सेकेंडरी स्कूल वर्तमान में संचालित है। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल की गांव से दूरी लगभग 15 से 25 किमी की दूरी पर है।
ऐसा होगा रूट प्लॉन
   लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त निर्देशानुसार स्थानीय शिक्षा विभाग द्वारा हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए रूट प्लॉन तैयार किया गया। इस संबंध में कलेक्टर श्री अशोक कुमार वर्मा ने परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग की बैठक लेकर रूट प्लॉन तैयार किया। शिक्षा अधिकारी श्री केके डोंगरे ने बताया कि आगामी सत्र 2018-19 के लिए झिरन्या जनपद में पॉयलेट प्रोजेक्ट के आधार पर परिवहन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए 13 रूट तैयार किए गए, जो 45 बसाहटों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्कूल लाने ले जाने की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। 13 रूट पर विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर 42 और 52 सीटर बसें संचालित होगी। 13 रूट पर बसाहटों में प्रतिदिन 225 किमी पर बसें मौजूद रहेगी। इसके तहत प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार 970 बच्चों की व्यवस्था की जाएगी। परिवहन व्यवस्था के लिए बुधवार 9 मई को भोपाल में प्रजेंटेशन आयोजित किया गया, जिसमें परिवहन व्यवस्था पर खर्च और रूट की चर्चा की जाएगी। 
13 रूट और शामिल स्कूलें
   शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक तौर पर 13 रूट पर बसे संचालित होगी। इनमें कोठा बुजुर्ग से हेलापड़ावा 16 किमी.। धुपी से पाड़ल्या 33 किमी.। हरणकुंडिया से पाडल्या (दो) 27 किमी.। पीडी जामली से कोटबैड़ा 17 किमी.। मांझल से कोटबैड़ा से (दो) 18 किमी.। मेंड़ागढ़ से चिरिया 13 किमी.। भेंडिया से चिरिया (दो) 21 किमी.। माटीकेरा से बड़ी 19 किमी.। भड़लेन से शिवना 7 किमी.। मोरवा से बोराड़िया 10 किमी.। नहालदरी से झिरन्या 14 किमी.। टिगरिया से झिरन्या (दो) 16 किमी. और अंबाडोचर से झिरन्या (तीन) 12 किमी. के रूट पर बसें शामिल है। 

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