व्यूटी पार्लर का व्यवसाय कर कु. आयुषी मुदगल बनी आत्म निर्भर

मुरेना - व्यूटी पार्लर का व्यवसाय करके कु. आयुषी मुदगल अपने आप में आत्मनिर्भर बन गई है।
   गणेशपुरा की रहने वाली कु. आयुषी मुदगल ने व्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण सरकारी संस्था सेंट आरसेटी से प्राप्त किया। कु. आयुषी ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि आर सेटी से प्राप्त एक माह का प्रशिक्षण मेरे जीवन को संवार देगा और मुझे खुद आत्मनिर्भर बना देगा। आज मै अपने पैरो पर खड़े होकर खुद के खर्चे और परिवार के खर्चो में सहयोगी बन रही हूं। 
    कु. आयुषी मुदगल ने कहा कि मेरे परिवार में हम सभी 6 बहिनें एवं एक भाई है जो सभी मुझसे छोटे है। पिता की भी अधिक उम्र होने के कारण परिवार का खर्च बडी मुश्किल से चल रहा था। एक दिन अपने घर पर समाचार पत्र पढ़ रही थी। उसमें सेन्ट्रल बैक की शाखा आर सेटी के द्वारा एक विज्ञापन प्रकाशित किया था जिसमें व्यूटी पार्लर का एक माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मैने तत्काल सेन्ट आर सेटी कार्यालय पहुचकर अपना रिज्यूम प्रस्तुत किया और मुझे ब्यूटी पार्लर प्राप्त करने का अवसर मिल गया। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण मैने मन लगाकर प्राप्त किया। मेरे द्वारा प्राप्त किये गए अच्छे प्रशिक्षण और मेरे कुशल व्यूटी पार्लर कार्य को देखते हुए सेन्ट आर सेटी वालों ने मुझे ही अन्य लड़कियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण देने के लिए 12 हजार रूपये प्रति माह पर रख लिया। धीरे धीरे मैने मन लगाकर प्रशिक्षण और शेष ब्यूटी पार्लर का कोर्स भी पूरा कर लिया। यानी मैं ब्यूटी पार्लर के कार्य में पूर्णत: निपुण हो गई। 
    कु. आयुषी मुदगल का कहना है कि अन्य किसी की नौकरी करने से मेरे अपने मन में ख्याल आया कि खुद का पार्लर क्यों न खोला जाये जो भी आय होगी उससे अपना और परिवार का खर्च चलेगा। बस मैने गणेशपुरा में आस्था पार्लर के नाम से दुकान खोल ली। मेरी दुकान ऐसी चल निकली की आस पास की महिलायें मेरी दुकान पर ब्यूटीपार्लर कराने आने लगी। धीरे धीरे अब मैं 12 से 15 हजार रूपये तक माह में कमा लेती हूं। मैं अपनी पढाई का खर्च तो उठा ही लेती हूं साथ ही अपने परिवार के गृहस्थी अन्य खर्चो में भी सहयोग कर देती हूं। मेरे लिए जीवन में सेन्ट आर सेटी की संस्था एक बरदान बनकर आई। जिसके द्वारा मै अपने पैरो पर खड़ी हूं।

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