पायल अब सुनने लगी है, पायल के जीवन में आई खुशहाली

 बालाघाट --  प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आम जनों को विशेषकर बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलें इस हेतु अनेक योजनाएं बनाई हैं। जन्म से बधिर बच्चों के नि:शुल्क इलाज के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना प्रदेश में संचालित की जा रही है। इस योजना से मूक बधिर बच्चों का इलाज शासकीय खर्चे से किया जाता है। ऐसे ही बाबई के ग्राम रजोन की 12 वर्षीय श्रवण बाधित बालिका पायल है जिसे मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना का लाभ देते हुए उसका उपचार कराया गया। पायल पिता छुट्टन कीर 7वीं कक्षा में पढ़ती है। पायल को बचपन से ही कम सुनाई देता था और कान से लगातार मवाद बहता रहता था। पायल पढ़ाई में होशियार थी किंतु कक्षा में शिक्षक जो पढ़ाते वो कम सुनाई देने की वजह से उसे समझ में नहीं आता था। यहां तक कि स्कूल में बच्चों एवं घर में अन्य भाई बहनों से बातचीत करने में ही उन्हें कम सुनाई देने के चलते वह बातचीत ज्यादा समझ में नहीं आती थी। पायल के पिता छुट्टन कीर मजदूरी करते हैं और वे अपनी पुत्री का इलाज करा पाने में सक्षम नहीं थे। ऊपर से उनके 5 बच्चे और हैं जिनकी पढ़ाई लिखाई एवं खाने-पीने के खर्च में ही उनकी सारी मजदूरी खर्च हो जाती थी। ऐसे समय में पड़ोसियों की सलाह पर पायल की मां श्रीमती शोभा कीर ने पायल को बाबई के चिकित्सालय में चिकित्सकों को दिखाया। चिकित्सकों ने पायल को जिला चिकित्सालय में बेहतर इलाज के लिए ले जाने की सलाह दी। श्रीमती शोभा कीर पायल को जिला चिकित्सालय लेकर आई जहां चिकित्सकों ने उन्हें भोपाल में पायल के कान का ऑपरेशन करने की सलाह दी और मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से 15 हजार रूपए का एस्टीमेट बनवा दिया। पायल के कान का ऑपरेशन दिव्य एडवांस ईएनटी क्लीनिक भोपाल में किया गया। ऑपरेशन के पश्चात् पायल के कान का मवाद बहना बंद हो गया और उसे सुनाई देना शुरू हो गया। आज पायल कक्षा में एवं घर में अपने भाई बहनों से खूब बातचीत करती है। उन्हें अब सुनाई देना शुरू हो गया है तो वे सभी की बातें सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देने लगी हैं। अब पायल का जीवन खुशहाल हो गया है।

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