पशुपालन को बनाया जीविका का आधार

   नीमच -- जिले की विकासखण्‍ड नीमच के ग्राम जवासा के किसान रामविलास राठौर ने अपनी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन करने की सोचा। जरूरी जानकारी लेने के बाद 6 भैंस (3 मुर्रा और 3 देशी) एक पाड़ा और 4 गायों से उन्‍होने अपना पशुपालन कार्य शुरू किया। 
   रामविलास राठौर मोबाईल नम्‍बर 9617250057 अपने पशुओं को पर्याप्‍त मात्रा में हरा चारा कुटटी बनाकर देते है। इसके साथ ही दूध उत्‍पादन के आधार पर उनकों बांटा भी दोनों समय पर खिलाते है। मिनरल मिक्‍सर भी देते है। जिससे पशुओं का स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहता है। पशुओं के लिए पानी की आवश्‍यकता को देखते हुए स्‍वचालित वाल्‍व सिस्‍टम लगा रखा है, ताकि पशुओं को पर्याप्‍त पानी पूरे दिन उपलब्‍ध रहे। जैसे ही पशु पानी पीता है, नांद में पानी खाली हो जाता है, स्‍वचलित तरीके से उसमें पानी भर जाता है। जबकि अन्‍य लोग इस खास तरिके पर ध्‍यान नही देते है, और पशुओं को केवल दो बार पानी पिलाते है। जब पशु पानी नही पिऐंगे तो दूध उत्‍पादन में निश्चित ही कमी होगी। पशुओं को कुट्टी खिलाने से चारे का नुकसान भी बहुत कम होता है, और पशु उस कुट्टी को बड़े चाव से खा लेते है।
   रामविलास राठौर प्रतिदिन 50-60 लीटर दूध का उत्‍पादन ले रहे है। उन्‍हे दूध उत्‍पादन पर 28 से 30 रूपये प्रति लीटर मिलता है। इस प्रकार दूध बेचने से 1400 से 1500 रूपये प्रतिदिन की आमदनी होती है। जिसमें से खर्च निकलाने के पश्‍चात उन्‍हे एक हजार रूपये की बचत हो जाती है। इस प्रकार 30 से 35 हजार रूपये की मासिक आय पशुपालन से हो रही है पशुपालन करके रामविलास राठौर ने अपनी आय को बढ़ाया है।  

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