जन अभियान परिषद के प्रयास से नदियों को मिला पुनर्जीवन प्रस्फुटित हुई जलधारा
अनुपपुर जिले मे जन अभियान परिषद द्वारा विगत दिनों आयोजित जल संसद में कोतमा की कनई नदी, जैतहरी की हंसिया नदी, अनूपपुर की बाँकी नदी, पुष्पराजगढ़ की देवराज नदी की साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन प्रदान करने हेतु कार्ययोजना बनाई गयी थी।
इसी क्रम मे आज जन अभियान परिषद द्वारा उक्त चारो नदियों मे चयनित स्थलो में एक साथ श्रमदान कार्य जनसहयोग से किया गया। जैतहरी विकासखंड में चयनित नदी हँसिया के उद्गम स्थल पर यह पाया गया कि नदी पूरी तरह सूखी हुई है। स्थानीय ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की अगुवाई में आम जनो एवं समिति के सदस्यों द्वारा श्रमदान कर उद्गम स्थल में जमी गाद, पत्थर, झिरो में जमा पत्तो को हटाने का कार्य किया गया। जिसके परिणामस्वरूप सूखी नदी में जल की धारा बह चली। इसी प्रकार पुष्पराजगढ़ विकासखंड में देवराज नदी पर भी प्रातः श्रमदान कर गहरीकरण एवं गाद हटाने का कार्य ग्राम मझगवां में नदी उद्गम स्थल पर किया गया। अनूपपुर विकासखंड में चयनित नदी बांकी पर ग्राम बड़ीखार में सामुहिक श्रमदान से नदी की स्वच्छता का एवं गहरीकरण किया गया। इसी प्रकार कोतमा में कनई नदी के गहरीकरण एवं स्वच्छता का कार्य जन अभियान परिषद की अगुवाई में चलाया गया।
यह श्रमदान प्रत्येक विकासखंड में लगातार 15 दिनों तक चयनित नदियो में चलेगा। ज्ञात हो कि माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा जल संसद कार्यक्रम के अयोजन में जनभागीदारी से नदियों को बचाने का आह्वान किया गया था। पूरे प्रदेश में परिषद द्वारा 313 नदियो के पुनर्जीवन हेतु स्वेक्षिक श्रमदान किया जा रहा है। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री उमेश पांडे ने आम जानो से अपील की है कि इस पवित्र कार्य मे भागीदार बन पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ कर जीवनदायिनी नदियो को उनका वास्तविक स्वच्छ एवं निर्मल स्वरूप प्राप्त करने मे सहयोग प्रदान करें।
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