उपभोक्ता फोरम ने दिलाई मृतकों के परिजनों को जनश्री बीमा योजना की राशि

    टीकमगढ़  -- जिले में एक प्रकरण में गरीबों की मृत्यु पर मिलने वाला जनश्री बीमा योजना का लाभ देने में कंपनी द्वारा की जा रही आनाकानी के बाद उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित परिजनों को इसका लाभ दिलाया है। उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाते हुए दो मृतकों के परिजनों को राशि दिलाने के आदेश जारी किए है। इसके तहत जतारा जनपद की ग्राम पंचायत कंदबा निवासी रामलाल आदिवासी एवं जानकी रजक की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को नियम अनुसार बीमा क्लेम की राशि भुगतान करने के निर्देश दिये गये।
      उपभोक्ता फोरम के वरिष्ठ सदस्य डॉ. हरिहर यादव ने बताया कि सरकार द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का जीवन बीमा निगम से जनश्री बीमा कराया गया है। इस योजना में यदि बीमित व्यक्ति की सामान्य मौत होती है, तो उसे 30 हजार रूपए और दुर्घटना में मौत होने पर 75 हजार रूपए की बीमा राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही दुर्घटना में अंगभंग होने पर भी सहायता राशि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जतारा जनपद की ग्राम पंचायत कंदबा निवासी रामलाल आदिवासी एवं जानकी रजक बीमित थे। लेकिन इनकी मृत्यु हो जाने पर कंपनी द्वारा बीमा राशि का लाभ नहीं दिया जा रहा था। 
यह था मामला
      डॉ. यादव ने बताया कि रामलाल आदिवासी की अपने घर में सामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस पर उसकी पत्नी सरजू बाई ने बीमा कंपनी में बीमा राशि के लिए आवेदन किया था। लेकिन बीमा कंपनी ने रामलाल का बीमा ने होने की बात कहकर केस वापस कर दिया था। जबकि रामलाल का जनपद में बीमित व्यक्तियों की सूची में 10714 पर नाम अंकित था। इसीप्रकार जानकी की मौत उत्तरप्रदेश के नोयडा में कार से टकराने से हुई थी। इस मामले में भी कंपनी द्वारा पुलिस का अंतिम प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने की बात कहकर बीमा क्लेम देने से इंकार किया गया था। इन दोनों मामलों में न्यायालय ने बीमा कंपनी को पीड़ित परिवारों को बीमा राशि देने के आदेश दिए हैं। फोरम ने रामलाल आदिवासी की पत्नी सरजू बाई को 30 हजार रूपए बीमा क्लेम, क्षतिपूर्ति के 1 हजार रूपये और वाद व्यय के 2 हजार रूपए देने के आदेश दिए हैं। इसीप्रकार जानकी रजक की मौत के बारे में न्यायालय ने बीमा कंपनी को पुलिस की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने पर उसकी पत्नी को 30 हजार रूपये का भुगतान करने की बात कही है। साथ ही रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शेष राशि 45 हजार रूपये देने के भी आदेश दिये हैं। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति के एक हजार रूपये और वाद व्यय के 2 हजार रूपये देने के भी आदेश दिये हैं।

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