रवि कुमार की तकदीर बदलने में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की महती भूमिका
उमरिया - मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शिक्षित बेरोजगार एवं बेसहारा लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है। योजना का लाभ लेकर विभिन्न हितग्राहियों की राह आसान हुई है और वे आत्म निर्भर बनने के साथ साथ अन्य जरूरत मंद लोगों को भी रोजगार देने लायक बने है।
उमरिया जिले नगरीय क्षेत्र उमरिया जिले के तहत वार्ड नं011 के रवि कुमार पटेल ने ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी की तलाश मे भटकते रहे, अचानक उनके दिमाग में यह बात आई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जब बिना गारंटी के लोन देकर बेरोजगारों को स्वरोजगार में लगाने की योजना प्रारंभ की गई है तो क्यो न इसका लाभ लिया जाए। शासकीय नौकरी के प्रति पल्ला झाडते हुए रवि ने कलेक्ट्रेट स्थित पिछड़ा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण के दफ्तर में पहुंच कर इंस्पेक्टर सुश्री प्रीति गठरे से संपर्क किया तो उन्होंने भावना को समझते हुए सहजतापूर्वक लोन लेने की समस्त प्रक्रियाये एक ही दिन में पूरा कराया। महज एक माह के अंदर स्थानीय बैंक आफ बड़ौदा में प्रकरण भेजकर रवि कुमार पटेल को किराने की दुकान हेतु एक लाख रूपये का ऋण स्वीकृत कर तीन किस्तों में राशि भी प्रदाय कर दी गई है।
रवि कुमार ने झिरिया मोहल्ला में किराने की दुकान जैसे ही प्रारंभ किया, वैसे ही ग्राहकों का आना जाना प्रारंभ हो गया। रवि कुमार ने महज 6 माह में अपने मासिक किस्त की अदायगी के साथ साथ घर का पूरा खर्च, दो बच्चों की पढ़ाई के अलावा 7-8 हजार रूपये मासिक बचत भी कर रहा है। दुकान पूरी तरह से सामग्रियों से भरी हुई है। सुबह 8 बजे से सायं 9 बजे तक लगभग 4-5 हजार की बिक्री करने के बाद प्रति दिन जो भी सामग्री दुकान में कम होती जाती है या ग्राहको की नये नये सामग्री की डिमाण्ड पर थोक की दुकान से 10 बजे रात्रि तक दुकान को लवलेश करता रहता है।
रवि कुमार पटेल ने पारिवारिक दायित्व को बाखूबी निभाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है। हाल ही में माता को लकवा की बीमारी होने पर उन्होने अपने दुकान से हुई बचत से लगभग 40 हजार रूपये व्यय कर बेटे होने का परिचय दिया है। हंसमुख एवं व्यवहारकुशल रवि ने ग्राहकों को भगवान की श्रेणी में मानते हुए व्यवहार से जीत लिया है। इसलिए उनका किराने का व्यवसाय चल पड़ा है।
रवि कुमार ने बताया कि गत वर्ष 2017-18 में एक लाख रू. का ऋण प्रकरण बैंक आफ बडौदा उमरिया से स्वीकृत हुआ जिसमें 30 प्रतिशत यानि 30 हजार रूपये पिछडा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण विभाग से अनुदान राशि भी बैंक को त्वरित प्रेषित की गई थी उसी का परिणाम रहा कि शाखा प्रबंधक ने ऋण देने में तत्परता दिखाई। रवि के व्यवसाय को आगे बढाने के लिए सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग आनंदराय सिन्हां, इंस्पेक्टर पिछड़ा वर्ग सुश्री प्रीति गठरे एवं शाखा प्रबंधक बैंक आफ बड़ौदा श्री मिश्रा ने जाकर प्रोत्साहित किया
उमरिया जिले नगरीय क्षेत्र उमरिया जिले के तहत वार्ड नं011 के रवि कुमार पटेल ने ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी की तलाश मे भटकते रहे, अचानक उनके दिमाग में यह बात आई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जब बिना गारंटी के लोन देकर बेरोजगारों को स्वरोजगार में लगाने की योजना प्रारंभ की गई है तो क्यो न इसका लाभ लिया जाए। शासकीय नौकरी के प्रति पल्ला झाडते हुए रवि ने कलेक्ट्रेट स्थित पिछड़ा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण के दफ्तर में पहुंच कर इंस्पेक्टर सुश्री प्रीति गठरे से संपर्क किया तो उन्होंने भावना को समझते हुए सहजतापूर्वक लोन लेने की समस्त प्रक्रियाये एक ही दिन में पूरा कराया। महज एक माह के अंदर स्थानीय बैंक आफ बड़ौदा में प्रकरण भेजकर रवि कुमार पटेल को किराने की दुकान हेतु एक लाख रूपये का ऋण स्वीकृत कर तीन किस्तों में राशि भी प्रदाय कर दी गई है।
रवि कुमार ने झिरिया मोहल्ला में किराने की दुकान जैसे ही प्रारंभ किया, वैसे ही ग्राहकों का आना जाना प्रारंभ हो गया। रवि कुमार ने महज 6 माह में अपने मासिक किस्त की अदायगी के साथ साथ घर का पूरा खर्च, दो बच्चों की पढ़ाई के अलावा 7-8 हजार रूपये मासिक बचत भी कर रहा है। दुकान पूरी तरह से सामग्रियों से भरी हुई है। सुबह 8 बजे से सायं 9 बजे तक लगभग 4-5 हजार की बिक्री करने के बाद प्रति दिन जो भी सामग्री दुकान में कम होती जाती है या ग्राहको की नये नये सामग्री की डिमाण्ड पर थोक की दुकान से 10 बजे रात्रि तक दुकान को लवलेश करता रहता है।
रवि कुमार पटेल ने पारिवारिक दायित्व को बाखूबी निभाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है। हाल ही में माता को लकवा की बीमारी होने पर उन्होने अपने दुकान से हुई बचत से लगभग 40 हजार रूपये व्यय कर बेटे होने का परिचय दिया है। हंसमुख एवं व्यवहारकुशल रवि ने ग्राहकों को भगवान की श्रेणी में मानते हुए व्यवहार से जीत लिया है। इसलिए उनका किराने का व्यवसाय चल पड़ा है।
रवि कुमार ने बताया कि गत वर्ष 2017-18 में एक लाख रू. का ऋण प्रकरण बैंक आफ बडौदा उमरिया से स्वीकृत हुआ जिसमें 30 प्रतिशत यानि 30 हजार रूपये पिछडा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण विभाग से अनुदान राशि भी बैंक को त्वरित प्रेषित की गई थी उसी का परिणाम रहा कि शाखा प्रबंधक ने ऋण देने में तत्परता दिखाई। रवि के व्यवसाय को आगे बढाने के लिए सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग आनंदराय सिन्हां, इंस्पेक्टर पिछड़ा वर्ग सुश्री प्रीति गठरे एवं शाखा प्रबंधक बैंक आफ बड़ौदा श्री मिश्रा ने जाकर प्रोत्साहित किया
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