फ्रेंक्लिन ने 15 वर्ष में अपने व्यवसाय को बढ़ाया
खरगोन -- शासन की प्रशासनिक ईकाई में ऐसे अनेक विभाग है, जो प्रदेश की जनता को हितग्राहीमूलक योजना में शामिल कर स्वरोजगार से जोड़ते है। इसी में एक अंत्यावसायी विभाग होता है, जो जिले में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर योजनानुसार पात्र नागरिकों को स्वरोजगार के लिए अनुदान पर ऋण उपलब्ध कराता है। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास विभाग की स्वरोजगारमूलक 3 योजनाएं है। विभाग द्वारा इन तीनों योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर योजना का क्रियान्वयन किया गया।
वर्ष 2000-01 में प्रदान किए ऋण से आया बड़ा बदलाव
अंत्यावसायी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री फ्रैंकलिन ने बताया कि वर्ष 2000-01 में खरगोन के ही तैय्यब अली और अकबर अली हातिम अली को राष्ट्रीय विकलांग एवं वित्त निगम योजना के अंतर्गत क्रमशः 40 और 50 हजार रूपए का ऋण उपलब्ध कराया गया था। आज 15 वर्षों में दोनों ही विकलांग हितग्राहियों ने अपने व्यवसाय को विस्तृत कर अपने-अपने क्षेत्र में पहचान बनाई है। तैय्यब अली बताते है कि पुस्तक बाईंडिंग का उनका पैतृक व्यवसाय था। वर्ष 2000-01 में उनका व्यवसाय बंद होने की कगार पर था। रूपए नहीं होने के कारण वे मशीनें नहीं लगा पा रहे थे। विभाग द्वारा ऋण उपलब्ध होने के बाद उन्होंने ऑफसेट मशीन, बाईंडिंग एवं कलर प्रिंटिंग मशीन खरीदी। उसके बाद उनका व्यवसाय आगे बढ़ता गया। इसी तरह अकबर अली ने भी ऑटो पार्टस की दुकान खोलकर 15 वर्षों में एक बड़ी और विस्तृत दुकान कर ली।
इस वर्ष 3 योजना में 562.78 लाख रूपए का ऋण
अंत्यावयासी विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3 योजनाओं में 196 हितग्राहियों को लाभांवित करने के लक्ष्य के विरूद्ध विभाग 264 हितग्राहियों को लाभ दिया। इसमें 562.78 लाख रूपए का कुल ऋण और 158.87 लाख रूपए का अनुदान दिया गया। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना शामिल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में प्राप्त लक्ष्य 4 के स्थान पर 6 हितग्राहियों को लाभांवित किया है, जिन्हें 102.60 लाख रूपए का ऋण और 15.27 लाख रूपए का अनुदान दिया गया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में विभाग को वित्तीय वर्ष में 117 का लक्ष्य दिया गया था, जिस पर विभाग ने 161 हितग्राहियों को 416.11 लाख रूपए का ऋण और 129.39 लाख रूपए का अनुदान प्रदान किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत 75 के लक्ष्य से आगे 97 हितग्राहियों को हितलाभ दिया गया। इस योजना में 44.07 लाख रूपए के ऋण और 14.21 का अनुदान दिया गया।
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