गेंदा फूल से कम जमीन से पाया ज्यादा लाभ कमाया रामलाल धाकड़ ने
नीमच जिले की विकासखण्ड जावद निवासी किसान रामलाल धाकड हमेशा नई तकनीकी करने के लिए प्रयासरत रहते है। परम्परागत खेती करते हुए उन्होने सोयाबीन की विभिन्न किस्मों को लगाया। मगर अधिक लाभ नही हुआ। रामलाल धाकड़ (9981786050) का कृषि विभाग द्वारा चयन राज्य के बाहर भ्रमण हेतु किया गया। भ्रमण से गेंदा फूल की खेती करने की प्रेरणा मिली। इसके पश्चात रामलाल ने एक हेक्टेयर में 1600 पौधे गेंदे के लगाए। जिसके बीज तीन रूपये पर तीन हजार रूपये रूपये की दवाई एवं अन्य खर्च चार रूपये व्यय हुआ।
किसान रामलाल धाकड़ ने मई जून में नर्सरी तैयार कर, जुलाई में पौधे रोपे तथा अक्टूबर में फूल तौड़कर बेचे, जिससे उन्हे 70 हजार रूपये की आय प्राप्त हुई। सभी खर्च काटकर रामलाल को शुद्ध मुनाफा 60 हजार रूपये हुआ। जो परम्परागत फसल सोयाबीन से बहुत अधिक था। इस प्रकार फसल परिवर्तन करने से रामलाल धाकड़ को कम जमीन से अधिक लाभ हुआ।
अब रामलाल धाकड़ कहते है, कि इससे मै और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है। इस कामयाबी से आशान्वित होकर उन्होने इस साल दो हेक्टयेर क्षेत्र में गेंदे की फसल लगाई है। वे अन्य किसानभाईयों को भी इस बात के लिए प्रेरित करते है,कि वो भी कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन कर बहुत अच्छी आय प्राप्त कर, खेती को लाभ का धंधा बना सकते है।
किसान रामलाल धाकड़ ने मई जून में नर्सरी तैयार कर, जुलाई में पौधे रोपे तथा अक्टूबर में फूल तौड़कर बेचे, जिससे उन्हे 70 हजार रूपये की आय प्राप्त हुई। सभी खर्च काटकर रामलाल को शुद्ध मुनाफा 60 हजार रूपये हुआ। जो परम्परागत फसल सोयाबीन से बहुत अधिक था। इस प्रकार फसल परिवर्तन करने से रामलाल धाकड़ को कम जमीन से अधिक लाभ हुआ।
अब रामलाल धाकड़ कहते है, कि इससे मै और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है। इस कामयाबी से आशान्वित होकर उन्होने इस साल दो हेक्टयेर क्षेत्र में गेंदे की फसल लगाई है। वे अन्य किसानभाईयों को भी इस बात के लिए प्रेरित करते है,कि वो भी कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन कर बहुत अच्छी आय प्राप्त कर, खेती को लाभ का धंधा बना सकते है।
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