राजपुर की बेटी ममता ने झारखण्ड में सिखाये ग्रामीण उद्यमिता के गुर

बडवानी --  झारखण्ड रांची में आयोजित राष्ट्रीय आजीविका एवं कौशल विकास मेले में जिले के राजपुर विकासखण्ड के ग्राम सनगांव की सुश्री ममता बघेल ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रारंभिक ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम (SVEP) की जानकारी साझा की। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम स्तर पर छोटे व्यवसायों के माध्यम से उद्यमी के चयन से लेकर उसकी उद्यमिता विकास करके सफल गतिविधि करने के अपने अनुभवों को साझा किया।  जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। 
    कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री भारत सरकार श्री नरेंद्रसिंह तोमर एवं झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रघुवारदास मंचासीन थे। कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों ने प्रतिभाग किया, जिसमें आजीविका एवं कौशल विकास से जुड़े सभी मुद्दो पर विभिन्न राज्यों द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं मॉडल का प्रदर्शन किया गया। 
ममता का उदबोधन
    छब्बीस वर्षीय ममता ने मंच से कहा कि आजीविका मिशन द्वारा गठित समूह में मिशनकर्मियों ने मुझे बुक किपर बनाया। इसके बाद मुझे प्रशिक्षित कर मेरा कौशल विकास किया। मै बुक किपर मास्टर ट्रेनर बनकर कई ग्रामों की बुक किपर को अब प्रशिक्षित कर रही हूँ। सन् 2016 में प्रारंभिक ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम (SVEP) शुरू होने पर मुझे CRP-EP बनाया। मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर आज मैं यह जान पाई हूँ कि ग्रामीण स्तर पर कौन से व्यवसाय लाभकारी होंगे। मेरे द्वारा ग्राम की 15 गरीब समूह की महिलाओं को व्यवसाय से जोड़कर रोजगार पर लगाया गया है। आज कोई दोना -पत्तल यूनिट चला रही है तो कोई साबुन निर्माण कर रही है। मैने अगरबत्ती यूनिट भी प्रारंभ कराई। जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। 

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.