हुनर को तराशकर ग्रामीण युवाओं को बना रहे आत्मनिर्भर
कटनी -- हुनर है, तो जिंदगी की मुश्किलें कुछ हद् तक आसान हो सकती हैं। ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने आते हैं, जो अपने हुनर के दम पर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लोगों में हुनर को और निखारकर, उन्हें स्वरोजगार व रोजगार में बेहतर स्थान पर स्थापित करना भी अपने आप में एक अनूठा काम है। कुछ इसी तरह की स्वरोजगारोन्मुखी गतिविधियां विगत वर्ष 2010 से संचालित की जा रही हैं एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान कटनी द्वारा। जिसने विगत लगभग 8 वर्षों में जिले के 3 हजार से अधिक ग्रामीण बेरोजगारों के हाथों को हुनरमंद बनाया है। आरसेटी द्वारा दिये निःशुल्क प्रशिक्षण से जहां युवाओं को अपना स्वरोजगार स्थापित करने में मदद मिली है। वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं ने अन्य बेरोजगारों को भी रोजगार से लगाया है।
जिले में संचालित एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने अब तक जिले के 3 हजार 742 बेरोजगार युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया है। जिसमें 2 हजार 182 पुरुष और 1 हजार 60 महिला प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन की राह को आसान बनाया है।
आरसेटी संस्थान के संचालक के.के. राय के अनुसार इस प्रशिक्षण संस्थान में कृषि संबंधी, प्रक्रिया से संबंधित और उत्पादन से संबंधित 30 प्रकार के प्रशिक्षण कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। जिसमें युवाओं को डेयरी फार्म, वेजीटेबल नर्सरी, पॉलीहाउस व नेटशेड फॉर्मिंग, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मशरुम की खेती और बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वहीं प्रक्रिया आधारित प्रशिक्षण में सेलफोन मरम्मत सेवा, राजमिस्त्री से संबंधित कार्य, प्लंबर व नल फिटिंग का कार्य, टीव्ही सुधार कार्य, भवन निर्माण कार्य, कम्प्यूटरीकृत लेखा, ड्राईविंग कोर्स, ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण, बढ़ई का कार्य, इलेक्ट्रिक मोटर रिवाईंडिंग व मरम्मत कार्य, दुकानदार, मोटर साईकिल रिपेयरिंग, बेसिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के विषय में भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसी प्रकार पापड़, अचार और मसाला पाउडर बनाने का प्रशिक्षण, वस्त्र सिलाई, घरेलू अगरबत्ती निर्माण, बास व क्रेन क्राफ्ट निर्माण कार्य, मोमबत्ती निर्माण, पोशाक गहने उद्यमी सहित अन्य प्रशिक्षण भी एसबीआई आरसेटी के माध्यम से निःशुल्क, जिले के ग्रामीण व बेरोजगार युवाओं को प्रदान किये जा रहे हैं।
जिले में संचालित एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने अब तक जिले के 3 हजार 742 बेरोजगार युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया है। जिसमें 2 हजार 182 पुरुष और 1 हजार 60 महिला प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन की राह को आसान बनाया है।
आरसेटी संस्थान के संचालक के.के. राय के अनुसार इस प्रशिक्षण संस्थान में कृषि संबंधी, प्रक्रिया से संबंधित और उत्पादन से संबंधित 30 प्रकार के प्रशिक्षण कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। जिसमें युवाओं को डेयरी फार्म, वेजीटेबल नर्सरी, पॉलीहाउस व नेटशेड फॉर्मिंग, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मशरुम की खेती और बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वहीं प्रक्रिया आधारित प्रशिक्षण में सेलफोन मरम्मत सेवा, राजमिस्त्री से संबंधित कार्य, प्लंबर व नल फिटिंग का कार्य, टीव्ही सुधार कार्य, भवन निर्माण कार्य, कम्प्यूटरीकृत लेखा, ड्राईविंग कोर्स, ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण, बढ़ई का कार्य, इलेक्ट्रिक मोटर रिवाईंडिंग व मरम्मत कार्य, दुकानदार, मोटर साईकिल रिपेयरिंग, बेसिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के विषय में भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसी प्रकार पापड़, अचार और मसाला पाउडर बनाने का प्रशिक्षण, वस्त्र सिलाई, घरेलू अगरबत्ती निर्माण, बास व क्रेन क्राफ्ट निर्माण कार्य, मोमबत्ती निर्माण, पोशाक गहने उद्यमी सहित अन्य प्रशिक्षण भी एसबीआई आरसेटी के माध्यम से निःशुल्क, जिले के ग्रामीण व बेरोजगार युवाओं को प्रदान किये जा रहे हैं।
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