2 माह के तनिष्क को हृदय उपचार से मिला नया जीवन "कहानी सच्ची है"

 इन्दौर | 04-मई-2018--- राज्य शासन की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बच्चों के डूबते को तिनके का सहारा साबित हो रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे जिले का सर्वे कर 400 से अधिक बच्चों का शासकीय खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया।    मुख्य मंत्री बाल हृदय योजना के तहत हितग्राही तनिष्क राठौर उम्र 2 माह पिता बालचंद्र राठौर निवासी 59 क्लर्क कालोनी एक्सटेंशन इंदौर को 25 मार्च 2018 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित जिला त्वरित सेवा केन्द्र में बच्चे के उपचार हेतु संपर्क किया गया। चूँकि बच्चा उस समय सिर्फ 2 माह का था, जिस कारण इंदौर के चिन्हांकित अस्पतालों ने सर्जरी हेतु असमर्थता व्यक्त की। वे बच्चें को टरशरी लेवल के हॉस्पिटल में रेफर किया।    अगले ही दिन बैंगलोर के नारायण सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधकों से फोन पर चर्चा हुई व इस प्रकरण में शीघ्र उपचार हेतु आग्रह किया गया। 27 मार्च 2018 को हितग्राही बैंगलोर के लिए रवना हुआ व 28 मार्च 2018 को सुबह हॉस्पिटल पहुंचने पर तत्काल बच्चें की आवश्यक जांचे हुई व सर्जरी का प्राक्कलन तत्काल ईमेल के माध्यम से भेजा गया, जिस पर तुरंत आवश्यक कार्यवाही करके बच्चे का ऑपरेशन मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत सरकारी खर्च से कराया गया।    हितग्राही की सर्जरी उपरांत बच्चे का फॉलोअप किया गया, जिसमें ज्ञात हुआ कि बच्चा सर्जरी उपरांत पूर्णरूप से स्वस्थ हैं। हितग्राही का परिवार शासकीय मदद से प्रसन्न है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद बच्चे का उपचार निजी चिकित्सा में शासन के खर्च पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत शीघ्र हस्तक्षेप से 2 माह का बच्चा, जो कि हृदय रोग से गंभीर स्थिति में था, उसकी जान बचाई जा सकी व बच्चा व परिवार बहुत खुश हैं। बच्चे के माता-पिता के द्वारा राज्य शासन को कृतज्ञता ज्यापित की गई।

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