ग्वालियर | 04-मई-2018 -- देव सिंह ने जी-तोड़ मेहनत और उन्नत खेती की बदौलत अपने इलाके में प्रगतिशील कृषक की पहचान बनाई। मगर उन्हें इतने से संतोष नहीं था। विभिन्न टीव्ही चैनलों व अखबारों के माध्यम से यूरोपियन देशों के किसानों की आमदनी जानकर देव सिंह हतप्रभ थे। उनके मन में सदैव यह विचार उठता रहता कि कैसे विदेश पहुँचकर वहाँ की खेती के आधुनिक तौर-तरीके सीखे जाएँ। एक साधारण किसान के लिए यूरोपीय देश की यात्रा एक सपना भर थी। पर वे हाल ही में नीदरलैण्ड व इजरायल की यात्रा करके आए हैं। वे कहते हैं कि हम भी अपने गाँवों में नीदरलैण्ड की तर्ज पर कम्यूटराईज्ड डेयरी स्थापित करेंगे। ग्वालियर जिले की मुरार तहसील की ग्राम पंचायत स्यावरी के ग्राम भेलाखुर्द निवासी कृषक देव सिंह मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री किसान विदेश अध्ययन यात्रा” के तहत नीदरलैण्ड व इजरायल की यात्रा पर गए थे। वे नीदरलैण्ड की कम्प्यूटराईज्ड गौ-शाला व डेयरी एवं फूलों की खेती से खासे प्रभावित हैं। वे बताते हैं कि नीदरलैण्ड में आधुनिकतम तरीके से डेयरी संचालित है। वहाँ दूध निकासी से लेकर वितरण और भुगतान की प्रक्रिया सब कुछ कम्प्यूटराईज्ड है। मुख्यमंत्री किसान विदेश अध्ययन यात्रा के तहत देव सिंह के साथ प्रदेश के अन्य जिलों के 40 कृषकों ने नीदरलैण्ड के एमस्टर्डम तथा इजरायल के तेल अबीब व नजदीकी कृषि फार्मों का भ्रमण किया। इस दौरान इन सभी ने ट्यूलिप फूल की उन्नत कृषि पद्धति, टमाटर की ग्लास हाउस व खजूर की खेती इत्यादि का अध्ययन किया। देव सिंह ने जब इजरायल में घोड़ियों की डेयरी देखी तो आश्चर्यचकित रह गए। इन देशों का ड्रिप इरीगेशन तथा सीवेज वाटर शुद्धिकरण प्लांट भी इन कृषकों ने देखा। इजरायल द्वारा अपने सीवेज वाटर शुद्धिकरण प्लांट से निकले पानी का उपयोग खेती में बखूबी ढंग से किया जा रहा है। विदेश यात्रा के दौरान देव सिंह सहित अन्य किसानों ने मृत सागर सहित वहाँ के ऐतिहासिक महत्व के स्थल भी देखे। देव सिंह कहते हैं कि दोनों देशों की स्वच्छता और वहाँ के लोगों की अनुशासित जीवन शैली अद्वितीय है। वे बताते हैं कि दोनों देशों में वाहनों के हॉर्न कम ही सुनाई देते हैं। साइकिल सवारों के लिए अलग से विकसित ट्रैक बने हैं। देव सिंह भाव विभोर होकर कहते हैं कि हम जैसे साधारण किसान, जिनके लिए अपने देश की यात्रा करना भी दूर का सपना है, उनकिसानों को मध्यप्रदेश सरकार विकसित देशों की यात्रा के जरिए आधुनिकतम खेती सिखा रही है। वे बताते हैं कि अकेले हमारी विदेश यात्रा पर प्रदेश सरकार ने लगभग सवा तीन लाख रूपए खर्च किए हैं। देव सिंह कहते हैं कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सच में बच्चों के मामा और किसानों के मसीहा बन गए हैं।
कोई टिप्पणी नहीं