संतरे के बगीचे से श्रीमती किसनी उईके की आजीविका बनेगी सुदृढ़ "कहानी सच्ची है"
जिले के मोहखेड़ विकासखंड की ग्राम पंचायत देवगढ़ के पोषक ग्राम विजयगढ़ की निवासी श्रीमती किसनी उईके आधुनिक कृषि को अपनाकर अब बेहतर आजीविका की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनका यह सपना वन अधिकार पट्टा से साकार हुआ है। वन अधिकार पट्टा से प्राप्त कृषि भूमि में नंदन फलोद्यान के अंतर्गत संतरा का बगीचा तैयार कर वह अपनी आजीविका को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के कार्य में लग गई है।
ग्राम विजयगढ़ की श्रीमती किसनी उईके हमेशा यह सोचती थी कि उसके नाम से जमीन होती तो वह अन्य लोगो की भांति उस जमीन में आधुनिक खेती कर अपनी आजीविका को बेहतर ढंग से चला पाती। इस दौरान उसे वन अधिकार अधिनियम के माध्यम से वन भूमि में वनाधिकार पट्टा मिलने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई तो उसे अपना सपना पूरा होता दिखाई दिया। उसने ग्राम पंचायत में संपर्क किया और अपना दावा प्रस्तुत किया तो उसे जमीन का वनाधिकार पट्टा मिला। पट्टे की इस जमीन पर उसने उद्यानिकी विभाग की नंदन फलोद्यान योजना के अंतर्गत 200 संतरे के पौधे प्राप्त किये और इन पौधों का एक बगीचा तैयार किया। इस बगीचे में विभिन्न कृषि कार्यो के लिये उसने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया और इस कार्ड के माध्यम से खाद-बीज का लाभ लिया और मेढ़ बंधान का कार्य भी कराकर इसका लाभ लिया। श्रीमती किसनी उईके की मेहनत और लगन से अब उसके संतरे का बगीचा तैयार हो चुका है, संतरे के पौधे बड़े हो चुके है और आगामी सीजन में इस बगीचे से फल मिलने लगेंगे और भविष्य में अच्छा उत्पाद मिलने से उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो जायेगा। अपनी इस मेहनत और लगन से श्रीमती किसनी उईके बहुत आशान्वित व प्रसन्न हैं तथा अन्य संतरा उत्पादकों के पास जाकर उनसे बेहतर संतरा उत्पादन के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर रही है ताकि अपने बगीचे के संतरों को मीठे और सुस्वादु बना सके। |
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