समाधान एक दिन तत्काल सेवा से जिले में अब तक 9 हजार 829 लोगों को मिला लाभ (सफलता की कहानी) साढ़े तीन घंटे में स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र मिलने से खुश हैं रामस्वरूप चौधरी
छोटी सी झोपड़ी में रहकर गुजर बसर करना और मजदूरी करके अपने परिवार को पालना, ऐसे ही बैसखुआ का जीवन कट रहा था। अतिगरीब बैसखुआ चौधरी पन्ना जिले की जनपद पंचायत पवई के ग्राम नारायणपुरा में रहते हैं। बैसखुआ ने सपने में भी नही सोचा था कि उसे और उसके परिवार को पक्की छत मिलेगी। उसे लगा था कि ईश्वर ने उसका जीवन छोटी झोपड़ी में ही व्यतीत करना लिखा है। जब उसे ग्राम पंचायत से पता चला कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसका आवास स्वीकृत हो गया है तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा।
बैसखुआ बताते हैं कि जैसे ही उन्हें आवास स्वीकृति की जानकारी मिली उन्होंने भवन में लगने वाली सामग्री का इंतजाम करना शुरू कर दिया। केवल 60 दिन के अन्दर सुन्दर पक्के आवास का निर्माण कर वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा का केन्द्र बिन्दु बन गया है। घर बनाकर जहां एक ओर उसने अपने सपने को साकार किया है वहीं दूसरी ओर 2 माह के अन्दर भवन निर्माण कर शासन द्वारा प्रदत्त राशि का समय पर सद्प्रयोग भी किया है। उसके सुन्दर आवास को देखने दूसरे गांव के लोग भी आते हैं। बैसखुआ अपने सुन्दर और पक्के आवास के लिए प्रधानमंत्रीजी एवं मुख्यमंत्रीजी के साथ-साथ जिला प्रशासन के प्रति भी आभार प्रकट करते हैं।
बैसखुआ बताते हैं कि जैसे ही उन्हें आवास स्वीकृति की जानकारी मिली उन्होंने भवन में लगने वाली सामग्री का इंतजाम करना शुरू कर दिया। केवल 60 दिन के अन्दर सुन्दर पक्के आवास का निर्माण कर वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा का केन्द्र बिन्दु बन गया है। घर बनाकर जहां एक ओर उसने अपने सपने को साकार किया है वहीं दूसरी ओर 2 माह के अन्दर भवन निर्माण कर शासन द्वारा प्रदत्त राशि का समय पर सद्प्रयोग भी किया है। उसके सुन्दर आवास को देखने दूसरे गांव के लोग भी आते हैं। बैसखुआ अपने सुन्दर और पक्के आवास के लिए प्रधानमंत्रीजी एवं मुख्यमंत्रीजी के साथ-साथ जिला प्रशासन के प्रति भी आभार प्रकट करते हैं।
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