नई तकनीकी से जरबेरा बना फायदे का व्यवसाय

  छिन्दवाड़ा --  जिले के मोहखेड विकासखंड के गाडरवाडा निवासी कृषक प्रगतशील श्री शरद सिंह चौहान ने वर्ष 2015-16 में उद्यानिकी विभाग से अनुदान सहायता प्राप्त कर 4 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस का निर्माण किया जिसकी लागत 58 लाख रूपये आई व शासन से 28 लाख रूपये की अनुदान प्राप्त किया। पॉली हाउस के अंदर जरबेरा फूलों के 25 हजार पौधे लगाये गये जिसका 65 दिन के बाद से फूलों का उत्पादन मिलना चालू हो गया। कृषक को प्रति वर्ष साढ़े सात लाख फूलों के स्टिक प्राप्त होती है जिसका मार्केट रेट प्रति स्टिक 5 रूपये के आस-पास होता है। इस तरह से एक वर्ष में 37 लाख 50 हजार रूपये प्रति वर्ष आमदनी होती है। मजदूरी या अन्य खर्चे काटकर किसान को शुद्ध 27 लाख 50 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुई है। इसी प्रकार से वर्ष 2017-18 में भी करीबन 45 लाख रूपये के आस-पास हुई जिसका किसान के बताये अनुसार मजदूरी व अन्य आदान सामग्री पर लगभग 10 लाख रूपये खर्चा आया है। किसान को इस तरह फूलों की खेती बड़ी ही फायदे का व्यवसाय साबित हुआ है। ठीक उसी प्रकार से 2018-19 में भी लगभग 35 लाख रूपये की आमदनी होने की संभावना बताई गई जिससे किसान ने अन्य दो पॉली हाउस बनाने की तैयारी कर ली है। किसान का मानना है कि फूलों की व्यवसायिक खेती नई-नई तकनीकी के माध्यम से की जाये तो यह फायदे का व्यवसाय है। श्री चौहान अपने उत्पाद को नागपुर के मंडियों में पहुंचाते है साथ ही फूलों की सुंदरता व साईज के कारण जरबेरा फूलों की मांग दिनो दिन बढ़ती जा रही है। 

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