निःशुल्क भारत निर्माण कोचिंग पार्ट टू के चार विद्यार्थियों ने जिले का नाम किया रोशन (सफलता की कहानी) जेईई में कोचिंग के चार विद्यार्थियों जगदीश, रोहित विष्णु पाल पिता रामनरेश पाल, और आकाश ने अर्जित की सफलता
जिले के विद्यार्थियों को अच्छा मुकाम मिले, इसके लिये गतवर्ष जिला प्रशासन ने नये-नये नवाचार किये। उस समय की मेहनत सफलता में तबदील हो रही है। जिसकी खुशी जहां विद्यार्थियों के चेहरों में झलक रही है, वहीं उनके माता-पिता के खुशियों के आंसू के रुप में भी। इस बार इस खुशी का कारण है गतवर्ष तत्कालीन कलेक्टर विशेष गढ़पाले के प्रयासों से प्रारंभ की गई भारत निर्माण कोचिंग पार्ट टू। इस कोचिंग में जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कोटा पैटर्न पर कटनी में ही निःशुल्क जेईई और नीट की तैयारी कराई गई। कुछ दिनों पहले ही जेईई के परीक्षा परिणाम आये हैं। जिसमें जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ की गई निःशुल्क कोचिंग में अध्ययन कर रहे जिले के चार विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की। अब ये बच्चे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी आगे की पढ़ाई कर पायें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ पायेंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्माण कोचिंग पार्ट टू में एन्ट्रेन्स एग्जाम के माध्यम से 64 विद्यार्थियों को जेईई की तैयारी कोटा बेस्ड बंसल कोचिंग से कराई गई थी। इस कोचिंग में प्रोफेशनल्स कोचर्स ने जिले के चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग दी। 64 विद्यार्थियों में 11 विद्यार्थी कक्षा 12वीं के और शेष विद्यार्थी कक्षा 11वीं के थे।
जीईई की प्रवेश परीक्षा के लिये इन्टाईटल 11 विद्यार्थियों ने एग्जाम दिया। जिसमें से 4 विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित करते हुये जिले का नाम रोशन किया है। जिन 4 विद्यार्थियों का चयन जीईई में हुआ है, उनमें जगदीश पाल पिता लखन पाल, रोहित कुशवाहा पिता रामसजीवन कुशवाहा, विष्णु पाल पिता रामनरेश पाल, आकाश रैदास पिता श्रीनिवास रैदास शामिल हैं।
जगदीश जहां शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर के विद्यार्थी हैं, वहीं रोहित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एनकेजे और विष्णु पाल शासकीय मॉडल स्कूल कटनी का विद्यार्थी है। इन विद्यार्थियों ने कोचिंग में मिले मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत व लगन के दम पर यह सफलता अर्जित की है।
इन विद्यार्थियों के अभिभावक अपने बच्चों की इस सफलता पर बहुत खुश है। वो कहते हैं कि हमने कभी सोचा भी ना था कि हम अपने बच्चों को कोटा भेजकर इंजीनियरिंग की तैयारी करायें। लेकिन प्रशासन के प्रयासों से प्रारंभ हुई भारत निर्माण कोचिंग ने तो हमारे बच्चों का भविष्य ही बना दिया।
जेईई का एग्जाम क्लियर करने वाले विष्णु के पिता प्रशासन के इस प्रयास से बहुत खुश है। उन्होने अपने अनुभव साझा करते हुये कहा कि इस कोचिंग ने हमारे बच्चे की तो जीवन की दिशा ही बदल दी है। कलेक्टर साहब को तो बहुत-बहुत आभार। जिन्होने ऐसा प्रयास किया। हमारा उद्देश्य यह बस नहीं था कि बच्चे का चयन ही हो। लेकिन यह जरुर हम जानते थे कि बच्चा अगर इस तरह की कोचिंग करेगा, तो बच्चे के भविष्य का बेस मजबूत हो जायेगा। इसके साथ ही चयनित अन्य विद्यार्थियों के अभिभावक भी प्रशासन के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्माण कोचिंग पार्ट टू में एन्ट्रेन्स एग्जाम के माध्यम से 64 विद्यार्थियों को जेईई की तैयारी कोटा बेस्ड बंसल कोचिंग से कराई गई थी। इस कोचिंग में प्रोफेशनल्स कोचर्स ने जिले के चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग दी। 64 विद्यार्थियों में 11 विद्यार्थी कक्षा 12वीं के और शेष विद्यार्थी कक्षा 11वीं के थे।
जीईई की प्रवेश परीक्षा के लिये इन्टाईटल 11 विद्यार्थियों ने एग्जाम दिया। जिसमें से 4 विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित करते हुये जिले का नाम रोशन किया है। जिन 4 विद्यार्थियों का चयन जीईई में हुआ है, उनमें जगदीश पाल पिता लखन पाल, रोहित कुशवाहा पिता रामसजीवन कुशवाहा, विष्णु पाल पिता रामनरेश पाल, आकाश रैदास पिता श्रीनिवास रैदास शामिल हैं।
जगदीश जहां शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर के विद्यार्थी हैं, वहीं रोहित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एनकेजे और विष्णु पाल शासकीय मॉडल स्कूल कटनी का विद्यार्थी है। इन विद्यार्थियों ने कोचिंग में मिले मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत व लगन के दम पर यह सफलता अर्जित की है।
इन विद्यार्थियों के अभिभावक अपने बच्चों की इस सफलता पर बहुत खुश है। वो कहते हैं कि हमने कभी सोचा भी ना था कि हम अपने बच्चों को कोटा भेजकर इंजीनियरिंग की तैयारी करायें। लेकिन प्रशासन के प्रयासों से प्रारंभ हुई भारत निर्माण कोचिंग ने तो हमारे बच्चों का भविष्य ही बना दिया।
जेईई का एग्जाम क्लियर करने वाले विष्णु के पिता प्रशासन के इस प्रयास से बहुत खुश है। उन्होने अपने अनुभव साझा करते हुये कहा कि इस कोचिंग ने हमारे बच्चे की तो जीवन की दिशा ही बदल दी है। कलेक्टर साहब को तो बहुत-बहुत आभार। जिन्होने ऐसा प्रयास किया। हमारा उद्देश्य यह बस नहीं था कि बच्चे का चयन ही हो। लेकिन यह जरुर हम जानते थे कि बच्चा अगर इस तरह की कोचिंग करेगा, तो बच्चे के भविष्य का बेस मजबूत हो जायेगा। इसके साथ ही चयनित अन्य विद्यार्थियों के अभिभावक भी प्रशासन के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं।
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