जल सहेजने समाज आया आगे (सफलता की कहानी)


   अगर समाज अपने दायित्वों को पूरा करने की ठान ले तो बड़ी से बड़ी समस्या का निजात स्वयंमेव हो जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को जल संकट से निदान दिलाने हेतु जो अभियान छेड़ा है, वह अभियान जन आंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। पहले एक तालाब, फिर दूसरे तालाब फिर गॉव-गॉव में तालाबो के जीर्णोद्धार का सिलसिला चल पड़ा है। जिला प्रशासन ने भी अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए कमर कस ली है।
   जिले में जन अभियान परिषद ने जहां 4 नदियों के जीर्णोद्धार की बीड़ा उठाया है, वहीं ग्राम पंचायतों ने तालाबों के जीर्णोद्धार करने में जुटी हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कोदवा के ककरहाई तालाब के संरक्षण का कार्य ग्रामीण जनों ने जन सहयोग से करने का संकल्प लिया तथा श्रमदान से कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि ककर हाई तालाब पहले बारहो महीने पानी से लबालब भरा रहता था, लेकिन अब अप्रैल में ही इस तालाब में पानी की एक बूंद भी नहीं है। इसको संरक्षित करने और पुनः इसमें लबालब पानी रहे इसके लिए श्रमदान करने की इच्छा जताई।
   इस अभियान को कार्य रूप में परिणित करने हेतु जनपद पंचायत सोहागपुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुद्रिका सिंह तथा जन अभियान के श्री विवेक पांडे, सहायक यंत्री श्री गुप्ता ने तालाब का विस्तारीकरण की योजना तैयार कराई तथा ग्रामीण जनों को विस्तार से जानकारी दिया। ग्राम पंचायत के सरपंच ने ग्रामीण जनों को संकल्प दिलाया कि हम जन सहयोग से ककर हाई तालाब का जीर्णोद्धार करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि तालाब में कोई गंदगी ना करें। तालाब को भरने में कोई अवरोध ना आए। इस कार्य में पंचायत समन्वयक अधिकारी श्री साकेत पंचायत सचिव श्री चौधरी ग्राम रोजगार सहायक श्री चौरसिया तथा ग्रामीण जनों द्वारा सहयोग दिया जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.