अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाला परिसर बनाने में श्रमिकों का अमूल्य योगदान, उत्कृष्ट अकादमी के पास होगा परिसर का संचालन, निर्माण में 3300 मजदूरों की भूमिका
खरगोन में शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला खेल परिसर प्रारंभ होने वाला है। मेनगांव में बन रहे क्रीड़ा परिसर का कार्य सितंबर माह में पूर्ण होगा। खेल परिसर के निर्माण में श्रमिकों का अमूल्य योगदान है। 20 एकड़ में बन रहे परिसर के निर्माण कार्य में 3300 मजदूरों ने अपनी भूमिका निभाई है। इसमें 1500 मजदूर, 1 हजार कारीगर और 800 मदद करने वाले श्रमिक शामिल है। इस बड़े परिसर में बने 100 छात्रों के लिए छात्रावास, स्टॉफ के लिए 9 क्वाटर्स, इंडोर हॉल, जीम और प्रशासनिक भवन को खड़ा करने में मजदूरों ने अपनी भरकस मेहनत झोंखी है। 16 अप्रैल को इंदौर में जनजाति कार्य विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी ने समीक्षा बैठक में अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। शासन स्तर से इस खेल परिसर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए कुछ आवश्यक बदलाव करने के लिए कार्य रोक दिया गया था। परंतु अब इसे सितंबर माह तक हर हाल में पुरा कर लिया जाएगा।
बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए देश की उत्कृष्ट खेल अकादमियों का अवलोकन किया गया है। इनमें प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, श्रीकांत और पीटी उषा की अकादमियों का भी अवलोकन कर खरगोन में बनने वाले खेल परिसर के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई है। श्री गुप्ता बताते है कि आवश्यक हुआ तो देश की उत्कृष्ट अकादमियों को खरगोन के खेल परिसर को संचालक का जिम्मा दिया जाएगा।
जिमनास्टिक के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होंगे तैयार
शैक्षणिक सत्र 2019-20 से प्रारंभ करने के लिए 25 अप्रैल को भोपाल में निर्माण एजेंसी और उच्च स्तर के अधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि खरगोन में जिमनास्टिक के लिए ही तैयार किया जाएगा। खरगोन मंे जिमनास्टिक या एथलेटिक्स के लिए परिसर तैयार करने पर विचार किया जा रहा था। भोपाल में जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक अनिल गुप्ता ने बताया कि खरगोन में खेल परिसर जिमनास्टिक के लिए ही तैयार होगा। बैठक में निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए डिजाईन, व्यवस्थाओं और संचालन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
देश की उत्कृष्ट अकादमी के पास होगा संचालन
सहायक संचालक श्री गुप्ता ने बताया कि खेल परिसरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो इसके लिए उच्च स्तर के कोच की मदद लेने के लिए पूर्व में 2 बार विज्ञापन जारी किए गए। मगर दोनों ही बार कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुए है। विभाग ने 2 स्तर के कोच के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। ए श्रेणी के कोच के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिनकों मानदेय 1 लाख 50 हजार प्रतिमाह दिया जाना था। बी श्रेणी के कोच के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त किया हो। इनका मानदेय प्रतिमाह 1 लाख रूपए निर्धारित किया गया था। आवेदन नहीं आने के कारण विभाग दूसरे विकल्प पर विचार कर रहा है।बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए देश की उत्कृष्ट खेल अकादमियों का अवलोकन किया गया है। इनमें प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, श्रीकांत और पीटी उषा की अकादमियों का भी अवलोकन कर खरगोन में बनने वाले खेल परिसर के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई है। श्री गुप्ता बताते है कि आवश्यक हुआ तो देश की उत्कृष्ट अकादमियों को खरगोन के खेल परिसर को संचालक का जिम्मा दिया जाएगा।
100 खिलाड़ी होंगे तैयार
खरगोन में खेल प्रशिक्षक श्री योगेश वाद्य ने बताया कि खरगोन में 100 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए मेनगांव में परिसर तैयार हो रहा है। यह परिसर शैक्षणिक सत्र 2019-20 में प्रारंभ हो जाएगा। इस परिसर में 100 छात्रों के लिए छात्रवास, स्टॉप के लिए 9 क्वाटर्स, 400 मी. एथलेटिक्स ट्रेक, इंडोर हॉल, जीम और प्रशासनिक भवन तैयार हो रहा है। फिलहाल अंतिम चरणों में चल रहे कार्य पर की लागत 11 करोड़ 66 लाख रूपए है। इसके अलावा एक जिमनास्टिक भवन तैयार होगा, इसकी लागत पृथक से स्वीकृत की जाएगी।
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