रूंधे गले से मीरा देवी बोलीं “उज्ज्वला” ने वर्षों पुरानी हरसत पूरी कर दी “कहानी सच्ची है”


   जीवन के 60 से ज्यादा बसंत देख चुकीं मीरा देवी मेहनत में अभी भी पीछे नहीं हैं। मगर चूल्हा फूँक-फूँककर खाना पकाते-पकाते उनकी आँखें जवाब देने लगीं हैं। हाड़ तोड़ मेहनत कर उन्होंने अपने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया है। लेकिन अपने लिए रसोई गैस नहीं जुटा पाईं। ऐसी विपरीत परिस्थितियों के बाबजूद उनके घर में अब रसोई गैस पहुँच गई है, जाहिर है धुँए से निजात भी मिल गई है।  
    सिंगल बस्ती मुरैना निवासी श्रीमती मीरा देवी बताती हैं कि जब दूसरे घरों में महिलाओं को रसोई गैस से खाना पकाते देखतीं तो मन में एक हूक सी उठती कि काश हमारे घर में भी गैस चूल्हा होता। मैं इतना नहीं कमा पाती कि बच्चों का भरण-पोषण कर गैस कनेक्शन के लिये धन बचा लूँ। मेरी चार बेटियां है मगर उनकी भी आमदनी इतनी नहीं थी कि वे अपनी माँ को रसोई गैस दिला सकें। मीरा देवी कहती हैं कि चूल्हा फूंकते फूंकते आँखें खराब हो गईं और ऑपरेशन की नोबत आगई है।
    मीरा देवी बताती हैं कि अब मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना हमारे बस में नहीं रहा। ऐसे कठिन हालातों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना हमारे लिए वरदान बनकर सामने आई। ग्राम स्वराज अभियान के तहत जिला पंचायत परिसर मुरैना में 28 अप्रैल को जिला स्तरीय कार्यक्रम “उज्ज्वला दिवस” मनाया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता हर्षाना, विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा ने इस कार्यक्रम में मीरा देवी को भी सरकार की ओर से नि शुल्क गैस कनेक्शन की किताब, गैस चूल्हा व सिलेण्डर सौंपा। 
    जब मीरादेवी को मुख्य अतिथि से नि शुल्क गैस किट प्राप्त हुई तब उसकी आँख से बह रहे खुशी के आँसू तो काले चश्मे की वजह से नहीं दिखे। मगर उनकी आवाज बता रही थी कि वे खुशी से भावुक हैं। वे कह रहीं थीं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने हमारी वर्षों पुरानी हसरत पूरी कर दी है।

                                                                                                   =========मुरैना=======

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