संरक्षित खेती से तरक्की की राह पकड़ रहा है किसान श्री राधाकृष्ण -कहानी सच्ची है
| संरक्षित खेती से तरक्की की राह पकड़ रहा है किसान श्री राधाकृष्ण "कहानी सच्ची है-स्टोरी" |
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| भिण्ड | 01-मई-2018 |
राज्य सरकार के उद्यान विभाग की योजना संरक्षित खेती के माध्यम से भिण्ड जिले की नगर परिषद फूप के क्षेत्र में किसान श्री राधाकृष्ण दीक्षित ने अपनी दो बीघा जमीन में फूलो की खेती की दिशा में जरवेरा, सेवंती, गेंदा, गिलेटी, टमाटर की खेती से करीबन 3 लाख रूपए प्रति वर्ष आय प्राप्त कर आर्थिक तरक्की की दिशा में अग्रसर हो रहे है।
जिले के फूप क्षेत्र में किसान श्री राधाकृष्ण दीक्षित ने उद्यान विभाग के कार्यालय से संपर्क कर फूलो की खेती के साथ पोली हाउस के माध्यम से आधुनिक तकनीक से अपनी खेती को फायदे का धंधा बनाने की शुरूआत की थी। राज्य सरकार की संरक्षित खेती की दिशा में संचालित योजना के माध्यम से उद्यान विभाग के सहयोग से 7 लाख 70 हजार रूपए की अनुदान राशि प्राप्त कर फूलो की खेती को आगे बढाने के प्रयास किए है। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने फूप के किसान श्री राधाकृष्ण दीक्षित को उद्यान विभाग के माध्यम से दिलाई गई अनुदान राशि से दो बीघा भूमि में से 10 विस्सा में पोली हाउस बनाया जाकर पोली हाउस के भीतर जरवेरा, सेवंती, टमाटर, गेंदा, गिलेटी की खेती को आगे बढाने के प्रयास किए जा रहे है। आधुनिक तकनीक के आधार पर पोली हाउस के बाहर भी फूलो की खेती की जा रही है। जिसमें एक हजार वर्ग क्षेत्र में फूलो के पौधे लगाए गए है। इस फूलो की खेती में किसान श्री राधाकृष्ण का छोटा भाई श्री मुकेश दीक्षित भी उनका सहयोग कर रहा है। किसान श्री राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि आधुनिक पद्वति से फूलो की खेती के लिए ऑनलाईन खाद-बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पोली हाउस पर 50 प्रतिशत का अनुदान की राशि से फूलो की खेती को लाभकारी बनाने के प्रयास किए गए है। इस फूलो की खेती के लिए जैविक खाद भी बनाई जाकर निराई गुढाई का कार्य मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी का फूलो की खेती में भरपूर सहयोग मिल रहा है। फूप से ग्वालियर, आगरा, दिल्ली, इटावा तक फूलो को भेजा जाकर उचित दाम का लाभ मिल रहा है। ग्वालियर में कृष्णी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की गई प्रदर्शनी में भी फूलो की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसको द्वितीय स्थान प्राप्त करने की सौगात भी प्राप्त हुई है। फूलो की खेती से प्रतिवर्ष करीबन 3 लाख रूपए की आय हो रही है। प्रगतिशील किसान श्री राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि फूलो की खेती से खर्चा निकालकर 1 लाख रूपए की शुद्व आय प्राप्त हो रही है। श्री दीक्षित का कहना है कि फूलो की खेती का अन्य किसान भी अनुशरण कर रहे है। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अच्छा फूल बिका है। इस फूलो की खेती का श्रेय म.प्र.सरकार और जिला प्रशासन को जाता है। ====भिण्ड==== |
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